अतरौलिया के विद्यालयों में मनाया गया मदर्स डे:मां बाप होते हैं बच्चो की प्रथम पाठशाला, बच्चो को किया गया जागरूक,

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जियाउल हक जी की रिपोर्ट

(I.C.B चीफ)

दूरदर्शन न्यूज़ 24/7


(विस्तार)

आजमगढ़। आजमगढ़ जिले के बूढ़नपुर तहसील के विभिन्न विद्यालयों में आज मदर्स डे के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया गया। वहीं बच्चों को जागरूक करते हुए गुरुजनों ने कहा कि सबसे पहली संस्कार की सीढ़ी मां-बाप होते हैं। उन्हीं मां-बाप के संस्कार से बच्चे समाज में आगे चलकर सम्मान पाने का काम करते हैं। और देश का भविष्य बनाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि पूरे जीवन में माता की भूमिका कितनी होती है यह सभी लोग जानते हैं। मां अपने बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए सब कुछ न्योछावर कर देती है। अतरौलिया के तेजापुर, लोहरा, केसरीचौक, मदियापार, बूढ़नपुर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मां की महत्ता के बारे में बताया गया।

मां शब्द बहुत बड़ा

मां शब्द ही बहुत बड़ा है पिता अगर बच्चों की जिम्मेदारी संभालता है तो मां उन बच्चों को लालन पालन करने में अपना पूरा जीवन त्याग कर देती है। मां बाप से ही बच्चे जीवन में संस्कार प्राप्त करते हैं। यही बच्चे हमारे देश के भविष्य है। इन बच्चों के भविष्य को बनाने में मां-बप की अहम भूमिका है ।इस मौके पर दिनेश, रवि, संध्या, आशुतोष, समेत अनेक लोग मौजूद रहे।