आजमगढ़। आजमगढ़ में कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद दो आरोपियों को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों को दस दस साल के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक बी डी भारती ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा बबलू सरोज निवासी मैनुद्दीनपुर (बारी गांव ) के भाई से आरोपी राजू ने 15 मई 2008 की शाम मोटरसाइकिल मांगी। मोटरसाइकिल देने से इंकार करने पर राजू जबरदस्ती मोटरसाइकिल की चाबी ले कर चला गया।
इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। यह सब सुन कर वादी के पिता सदरी घर की तरफ आ रहे थे तभी मुबारक पुर उर्फ बिनासे पुर थाना जहानागंज निवासी सामू सरोज पुत्र स्वर्गीय बासु सरोज तथा राजू सरोज पुत्र सामू सरोज ने सदरी को रास्ते में रोककर लाठी डंडा से बुरी तरह से मारा पीटा।
इलाज के दौरान हुई थी मौत
घायल सदरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान 18 मई को सदरी की मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडेय ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने सामू सरोज तथा राजू सरोज को दस दस साल के कठोर कारावास तथा पांच पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
