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कानपुर देहात इस समय गौरैया का परिवार संवर्धन का समय है इसलिए गुंदा हुआ आटा एवं पके चावल गौरैया पक्षी के नवजात बच्चों के पोषण के लिए अत्यंत लाभकारी है पक्षी हमारे कीटो से फसल को सुरक्षा देकर मानव के लिए खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व निभाती है आज इसका जीवन संकटग्रस्त है पर्यावरण की इस प्यारी एवं नन्ही चिड़िया को बचाना हर नागरिक का दायित्व है उक्त बात नेपाल देश के राज्यपाल/ प्रदेश प्रमुख रत्नेश्वर कायस्थ से गांधी पर्यावरण योद्धा सम्मान प्राप्त पर्यावरण मित्र नवीन कुमार दीक्षित ने विद्यालय अवकाश के बाद सिठमरा के नन्ने मुन्ने के बच्चों के साथ पुलिस चौकी से पथराव मार्केट, होते हुए प्राथमिक विद्यालय सिठमरा तक गौरैया संरक्षण रैली के द्वारा जनजागृति लाते हुए कही
इस अवसर पर चौकी इंचार्ज सिठमरा अब्दूल कलाम ने कहा कि कच्चे मकान घटने से गौरैया के प्राकृतिक आवास घटे हैं ओलावृष्टि से चोट लगने सीलिंग फैन से टकरा जाने जलाशयों के सूख जाने जहरीले बीज निगल लेने दाना पानी की कमी से गौरैया की संख्या में भारी गिरावट आई है मोबाइल टावरों से निकला रेडिएशन गौरैया के मस्तिष्क और स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डाल रहा है जिससे वह मार्ग भटक रही है और उसके अंडे कमजोर हो रहे है इस रैली का आयोजन स्काउट मास्टर शिवांश कुशवाहा ने किया बच्चों ने गौरैया बचाओ फसल बचाओ, गौरैया फिर से आएगी मां के सूप से दाना चुराएगी l भोजन पानी पाएगी, फिर से गौरैया आएगी ममस्पर्शी नारे लगवाए रैली में खुशहाली, प्रिया, प्रन्सी, कोमल, अदिती, निशा, रामजी,केसर, रियाज,भूमि, प्रिन्स, शालिनी,अनामिका, एवं पुलिस विभाग के लोग सहित लगभग 60 से अधिक बच्चे शामिल थे