दूरदर्शन न्यूज २५/७ चेयरमैन कानपुर
(विस्तार)
रूरा कानपुर देहात गौरैया की संख्या बड़ी तेजी से घट रही है इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है मानव ने एक-एक दाना अत्याधुनिक थ्रेसर से घर में रख लिया सारी जमीन मानव ने लिखा ली बाकी जीव कहां जाएं उक्त बात प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहीं इस अवसर पर सहायक अध्यापक नवीन कुमार दीक्षित ने कहा कि वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी महोदय ने गौरैया संरक्षण की इच्छा प्रकट की थी कि हर घर में कृत्रिम घोसले लगाए जाएं जिससे कच्चे घरों में सुबह के समय मीठी चहचाहट देने वाली गौरैया पक्षी का संरक्षण और संवर्धन हो सके गौरैया पक्षी एक दूसरे के ऊपर सर रख कर सोती है और इस समय प्रजनन काल चल रहा है इसलिए गूथे हुए आटे और चावल से पोस्टिक रूप से गौरैया के बच्चों का उधर पोषण होता है