मनोविज्ञान का गहन अध्ययन वर्तमान व भविष्य की मांग- प्रशान्त

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ज़ियाउल हक़ जी की रिपोर्ट
(I.C.B CHIEF) 
दूरदर्शन न्यूज़ 24/7

(विस्तार)


"किसी भी संस्था का मुख्य उद्देश्य होता है सबको साथ लेकर चलना और राष्ट्र के हित और विकास के लिए प्रतिबद्ध होना। आज की वैश्विक और भाग दौड़ भरी दुनिया ने अगर सबसे ज्यादा किसी को प्रभावित किया है तो वह है मानव मन और मन को सही दिशा, सही विचार देने के लिए यह आवश्यक है कि मन से संबंधित विषय का गूढ़ अध्ययन किया जाए और इस पर विशेष शोध किए जाएं, यही भविष्य की मांग है।"
उक्त बातें 'दी साइकोलोजिस्ट' संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष प्रशान्त मणि तिवारी ने गुरुवार को संस्था की ऑनलाइन बैठक में कही। बैठक का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मनोविज्ञान ओलिंपियाड 2022 की तैयारियों को जायजा लेना व भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करना था। 
बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे मुख्य पदाधिकारी उत्कर्ष श्रीवास्तव व पायल जयसवाल तथा प्रयागराज से असित मौर्य, हैदराबाद से राघवेंद्र दूबे व गोरखपुर से अनुभा उपाध्याय शामिल रहे। मुख्य सदस्य के रूप में महर्षि पाठक, अनुप्रिया चौधरी, रजनी इत्यादि उपस्थित रहे।