नईगढ़ी क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबार पर आखिर कब लगेगी लगाम।

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दूरदर्शन न्यूज़ 24/7 प्रधान संपादक 

(विस्तार)


खबर मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत नईगढ़ी क्षेत्र की जहां जिम्मेदारों की गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली के चलते क्षेत्र में अवैध कारोबार दिन दूना रात चौगुना फल फूल रहा है। पुलिस आबकारी एवं खनिज विभाग द्वारा ऐसे कारोबारियों पर लगाम न लगाए जाने के चलते नईगढ़ी थाना क्षेत्र में माफिया राज जैसी स्थिति बन चुकी है। कस्बे से लेकर गांव गांव जहां अवैध महुआ शराब की भट्ठियां जल रही हैं वही अवैध गिट्टी पत्थर बालू जैसा कारोबार चरम पर है। कोरेक्स तो अब पान ठेले से लेकर कारोबारी सब्जी भाजी की तरह फेरी लगाकर बिक्री करते मदमस्त घूमते देखे जा सकते हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लगाई गई आचार संहिता की तो सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गली चौराहों से लेकर सार्वजनिक स्थलों में नशेड़ियों का जमावड़ा लगना आम बात हो गई है। लिफाफे बाजी के दम पर ओवरलोड गिट्टी बालू से लोड हाईवा डंपर ट्रक सड़कों पर फर्राटे मारते नजर आते हैं। क्षेत्र के जनमानस की माने तो सार्वजनिक स्थलों भीड़भाड़ वाले स्थानों में धमाचौकड़ी मारने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ आम जनता द्वारा जब आवाज उठाई जाती है तो अवैध कारोबार में लिप्त माफिया किस्म के बाहुबलियों द्वारा कानूनी कार्यवाही से पूर्णरूपेण निर्भय होकर खुलेआम कहा जाता है कि हफ्ता महीना चुकता करते हैं। किसी के दम हो तो कारोबार में रोक लगा कर देखें। वैसे भी गत 6 माह के अंतराल में नईगढ़ी थाना पुलिस द्वारा किसी भी खासतौर से खनिज माफिया जैसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की एक भी बार हिम्मत नहीं जुटाई गई। बल्कि हादसों के बाद भी अवैध कारोबार में लिप्त वाहनों एवं माफिया किस्म के कारोबारियों पर कानूनी कार्यवाही के बजाय पुलिस द्वारा छोड़ दिए जाने का मामला भी कई बार प्रकाश में आया है। जबकि शासन प्रशासन स्तर पर इस अंतराल में धरपकड़ हेतु अभियान भी चलाए गए कई बार तो ऐसी भी स्थितियां गुजरी की वाहन चेकिंग के दौरान अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा ओवरलोड एवं बिना परमिट के गिट्टी बालू परिवहन करने वाले वाहनों को पकड़ा गया उस दौरान ऐसे हालात सामने आए की कानून पर माफिया किस्म के कारोबारियों की विजय हुई। यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर किसके छत्र छाया तले अंचल में अवैध कारोबार फल फूल रहा है ? वर्तमान दौर देखा जाए तो पुलिस महकमा दिसंबर मांह अपराध निकाल की दुहाई देकर किसी भी प्रकार के अवैध कारोबारियों पर कार्यवाही करना शायद उचित नहीं समझ रहा है। वही आबकारी एवं खनिज विभाग शहर छोड़ कर क्षेत्र में नजर डालना उचित नहीं समझता। इसी का परिणाम माना जा रहा है कि आचार संहिता के दौरान भी अवैध कारोबारी अपने काले कारोबार पर लगे हुए हैं। यदि समय रहते जिम्मेदार आला अधिकारियों द्वारा अवैध कारोबारियों के कारोबार पर कड़ी कार्यवाही नहीं की जाती तो आने वाला कल नईगढ़ी अंचल एवं क्षेत्र में निवासरत जनता के लिए कष्ट कारक हो सकता है।