दूरदर्शन न्यूज़ 24/7 ब्यूरो चीफ लखनऊ।
(विस्तार)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश/बड़ा हादसा टला। ठाकुरगंज के हुसैनाबाद स्थित मोहनीपुरवा में बुधवार देर रात दो बजे मकान में आग लग गई। मकान से आग की लपटे निकलती देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। आग की लपटों के बीच पहली मंजिल पर फंसी महिला की चीख पुकार सुन पड़ोस के लोग जुट गए।पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर उन्हें खिड़की के रास्ते सही सलामत बाहर निकाला। पुलिस और दमकल की पांच गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किरण फातिमा ने बताया कि रात में करीब दो बजे उनकी आंख खुली तो घर में धुआं दिखाई दिया। देखते ही देखते आग भूतल से पहली मंजिल तक पहुंच गई। पड़ोसियों ने किसी तरह घर से बाहर निकलवाया। उन्होंने बताया कि पिता इरशाद अली की बीते 11 नवबंर को मौत हो गई थी, अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में परिवार के सभी लोग पैतृक आवास गए हुए थे। इस कारण वह घर में अकेले थीं। अग्निशमन द्वितीय अधिकारी राम मिलन भारती का कहना है कि भूतल पर गत्तों में अधिक मात्रा में सामान होने से कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। प्लास्टिक व अन्य सामान होने के कारण दमघोंटू धुएं से दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शुरुआती जांच पड़ताल में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है।
बड़ा हादसा टला। दमकल कर्मियों ने बताया कि भूतल पर गत्तों के बीच तीन सिलेण्डर रखे हुए थे। गनीमत रही की सिलेण्डर तक आग नहीं पहुंची। समय रहते ही सिलेण्डर बाहर निकाल लिया गया। आग की चपेट में आकर सिलेण्डर फट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। पड़ोसियों की सूझ-बूझ से बची जान। पड़ोसियों की सूझ-बूझ से घर में मौजूद किरण फातिमा की जान बची। आग की लपटों के बीच महिला की चीख पुकार सुन पड़ोसियों ने मौके पर पहुंचकर पहले तो उनका हौसला बढ़ाया। फिर सीढ़ी खिड़की के पास लगाकर उन्हें उतार लिया। किरण का कहना है कि सामान तो काफी जल गया, पर किसी तरह जान बच गई। फेरी का सामान भरा होने से आग हुई विकराल। किरण फातिमा ने बताया कि परिजन फेरी लगाते हैं। भूतल पर फेरी का काफी सामान बच्चों के खिलौने, बोतल व डायपर के गत्ते समेत अन्य समान भरा था। जो पूरी तरह से जलकर राख हो गया। वहीं पहली मंजिल पर रजाई- गद्दे व अन्य सामान भी आग की चपेट में आ गया। संकरा रास्ते होने से आग बु़झाने में हुई परेशानी।अग्निशमन द्वितीय अधिकारी राम मिलन भारती ने बताया कि रास्ता संकरा होने से दमकल की बड़ी गाड़ी घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी। बड़ी गाड़ी सतखण्डा पुलिस चौकी के पास ही रुक गई। इसके बाद दमकल की छोटी गाड़ियां भेजी गई। छोटी गाड़ी का पानी खत्म होने पर पुलिस चौकी के पास खड़ी बड़ी गाड़ी से पानी भरकर ले जाया गया। बड़ी गाड़ी घटनास्थल के पास न पहुंच पाने से आग को काबू करने में अधिक मशक्कत करनी पड़ी।