नमस्ते प्रणाम
मैं सत्य प्रकाश मिश्रा ( जनसेवक ) आप सभी भारत वासियों को मित्रता दिवस की हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं एवं उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।
प्रिय दोस्तों कई लोग ऐसे होते हैं जो आपके हितेषी होती हैं लेकिन उनमें से कुछ ही होते हैं जो आपके लिए बहुत ही खास होते हैं और आपकी भावनाएं उनके लिए सिर्फ एक जैसी नहीं बल्कि गहरी मित्रता भी होती है। एक सच्चा मित्र अपने जीवन में लगभग हर कोई चाहता है कि जिससे वह अपने मन की सारी बात व्यथा बिना किसी हिचकिचाहट बिना किसी झिझक एवं डर के अपनी बात को कर सके, जिसका सलाह उसके लिए अच्छे हित के लिए हो और जिसको देखते ही उसका मन प्रसन्न हो और चेहरा भी खिल उठे।
मेरे प्यारे मित्रों
सच तो यह है कि जीवन में कब किससे मित्रता हो जाए यह मालूम नहीं पड़ता है बस कोई अच्छा लगता है वह अपना हो जाता है यही मित्रता की परिभाषा है,,,,, याद रखिए।
अच्छे मित्र की अहमियत हर उम्र से होती हैं शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे अच्छे मित्र की आवश्यकता ना हो।
वस्तुतः मैं कहना चाहता हूं कि समाज में मित्रों की कमी ना हो इसके लिए सभी से दोस्ताना का व्यवहार रखना चाहिए।
हे प्रभु अपनी अदालत में जमानत जरूर रखना, मैं रहूं या ना रहूं मेरे मित्रों को सलामत रखना।
आपका अपना
सत्य प्रकाश मिश्रा ( जनसेवक )