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दूरदर्शन न्यूज 24/7
प्रधान संपादक
प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित रोडवेज बस स्टेशन को झूंसी में स्थायी रूप से शिफ्ट किए जाने के बाद यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को गोरखपुर जाने के लिए रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे रामबाग के बाबूराम गुप्ता और कीडगंज के शिव श्याम चौरसिया को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोनों परिवार के साथ रहे। आटो वाले ने झूंसी तक पहुंचाने के लिए 400 रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि जितना भाड़ा गोरखपुर तक का नहीं है उतना तो झूंसी तक का लग रहा है। इसी तरह सैकड़ों यात्री परेशान रहे। सुरेश तिवारी ने बताया कि प्रयागराज से गोपीगंज का भाड़ा 89 रुपये है, लेकिन अब प्रयागराज से झूंसी जाने का ही भाड़ा 200 रुपया लिया जा रहा। अगर परिवार साथ में हैं तो 500 से 600 रुपये लग जा रहे हैं। यही हाल हर रूट का है।सिटी बसों में इतनी भीड़ रही कि सामान के साथ तो क्या अकेले भी चढ़ना दूभर रहा। इसी तरह वाराणसी जाने वाले के लिए पहुंचे चौक से रामलाल श्रीवास्तव को भी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने बताया कि वह हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने जाते हैं। आज उनको काफी दिक्कत हो रही है। अगले सोमवार से वह ट्रेन से ही यात्रा करेंगे। बस से बहुतु महंगा पड़ रहा है। भाड़े से ज्यादा तो बस स्टेशन तक पहुंचने में खर्च हो जा रहा है। परिवार के साथ जाने वालों की तो स्थिति और भी खराब है। ऑटो वाले रिजर्व के लिए 800 से 1000 रुपये मांग रहे हैं। वह जैसी सवारी की मजबूरी वैसा रेट निर्धारित कर दिए हैं।झूंसी पहुंचाने के लिए लोकल बसों की कमी के चलते हालात दूसरे दिन भी सामान्य नहीं हो सके। दूर-दराज से आने वाले यात्रियों से लेकर शहर के भीतर सफर करने वाले लोगों को झूंसी रोडवेज तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सिविल लाइंस बस स्टेशन शहर का प्रमुख परिवहन केंद्र है, यहां से प्रतिदिन हजारों यात्री बसों से आवागमन करते हैं। अचानक झूंसी में बस स्टेशन शिफ्ट होने से यात्रियों को न सिर्फ अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, बल्कि परिवहन के साधनों की कमी और अव्यवस्थित व्यवस्था ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।