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| युवा समाज सेवी रामजतन सरोज की फोटो |
अहिरौली, आजमगढ़। जिस तरह से पेड़ो की कटाई हो रही है ये आने वाले वातावरण के लिए नुकसानदायक साबित होगा। वायुमंडल में ऑक्सीजन की कमी का भी एक बड़ा कारण है पेड़-पौधों को काटना। जनपद आजमगढ़ के लालगंज तहसील क्षेत्र के कई समाज सेवी है जो कि अपने दम पर पर्यावरण को संतुलन करने का प्रयास कर रहे है। इन्ही समाजसेवियों के बीच एक समाजसेवी है स्थानीय तहसील क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी युवा समाजसेवी रामजतन सरोज। जो कि अपने खर्चे से गांव के शिरहिया पोखरी पर लगे पुराने वृक्षों का रख रखाव कर रहे है। युवा समाज सेवी रामजतन सरोज ने आज स्थानीय तहसील क्षेत्र के अहिरौली गांव की शिराहिया पोखरी पर लगे पेड़ के आस पास मिट्टी डलवाकर पेड़ों के रख रखाव की शुरुआत की है।
अहिरौली के युवा समाज सेवी रामजतन सरोज ने इन वृक्षों को नुकसान न हो। इसके साथ ही वृक्षों के लिए पानी की भी व्यवस्था भी कर रखी है। रामजतन सरोज ने कहा कि हम रोज सुबह सुबह पोखरे से पानी बाल्टी से निकलकर रोजाना आस पास लगे पेड़ पौधों में डालते हैं और कुछ ऐसे भी वृक्ष हैं जिनमें पानी रुक नहीं रहा था उनके आस पास मिट्टी डलवाकर पानी देने है जिससे कि ये पेड़ पौधे और वृक्ष सूखे न।
रामजतन सरोज के इस प्रयास को बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं समेत सभी सराह रहे है। वहीं रामजतन सरोज के दादा मनीराम सरोज का कहना है कि पर्यावरण को बचाने के लिए रामजतन सरोज की ये अनूठी पहल है जिससे सबको सीख लेने की जरूरत है। बहरहाल पर्यावरण को बचाने के लिए समाजसेवी रामजतन सरोज की इस पहल को भले ही लोग अभी सराह रहे है पर अब देखना ये होगा कि रख रखाव किए गए इन पेड़ पौधों और वृक्षों को कब तक बचाया जा सकता है क्योंकि महज कुछ दिन की सुरक्षा और देखरेख से ही पर्यावरण को बचाने का काम नही हो सकता।



